Friday, June 25, 2010

गूगल फैला रहा अश्लीलता..हिंदी का हो रहा अपमान...

गूगल सर्च इंजन..दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेट सर्च इंजनो मैं से एक..जो भी चीज खोजनी हो सर्च इंजन मैं डालिए
नतीजे मैं आएँगी सेकड़ो साईट्स..लेकीन अब गूगल पर अश्लीलता फ़ैलाने का आरोप लगने लगा है ..जी हां.गूगल पर आरोप
है की इसकी हिंदी सर्च सेवा मैं..A से लेकर Z तक कोई भी शब्द डालिए..जो नतीजे आयेंगे वो आपको शर्मिंदा कर सकते है..
और ये आरोप किसी आम इंसान ने नहीं लगाये है..ये आरोप लगाये है भोपाल कमिश्नर ने..जिन्होंने गूगल के इस कृत्या को
राष्ट्र भाषा हिंदी का अपमान बताते हुए..राज्य शाशन को इसके खिलाफ कारवाही करने का पत्र लिखा है..इंटरनेट की दुनिया मैं गूगल एक तेजी से बढ़ता हुआ नाम है..इसके सर्च इंजन ने बहुत जल्दी ही पूरी दुनिया मैं अपना
नाम कमाया है..लेकिन इसके साथ ही गूगल पर अश्लीलता फ़ैलाने के आरोप भी काफी देशो मैं लगे है..ये आरोप इसलिये लगे हैं
क्यूंकि इसके सर्च इंजन मैं ..किसी चीज को ढूंढते वक्त ऐसे जानकारिय आ जाती है ..जो किसी को भी शर्मिंदा कर सकती है..
इस बार अश्लीलता के ये आरोप लगे है गूगल की हिंदी सर्च सेवा पर..गूगल की हिंदी खोज सेवा मैं A से लेकर Z तक कोई भी
अक्षर टाईप करने पर ऐसे सूची सामने आती है..जो अश्लील साईट की और इशारा करती है..यही वजह रही की भोपाल के कमिश्नर
ने इस अश्लीलता को हिंदी का अपमान बताते हुए ..राज्य शाशन को इसके खिलाफ कारवाही करने की मांग कर दी..इसके लिए उन्होंने बाकायदा पत्र लिखा है राज्य सरकार को इस के खिलाफ कारवाही की जाए
गूगल पर अश्लीलता फ़ैलाने के आरोप कोई नए नहीं है..चाइना समेत काफी देशो मैं इसके उपयोग पर इसलिये पाबंदी
लगा दी गई थी की....ये सर्च इंजन अश्लीलता फैला रहा है..भारत मैं भी लम्बे समय से लोग गूगल का सर्च इंजन इस्तेमाल कर
रहे है..लेकिन अब तक इस पर किसी का ध्यान नहीं गया था..
अब देखिये ये अश्लीलता kऐसे फैला रहा है ..अगर आप हिंदी सर्च सेवा मैं रोमन का A टाईप करते है तो सुझाव के रूप मैं आयेंगे..
एक रात अचानक ...आंटी...आंटिया ...
B टाईप कर्ण पर आता है ब्लू फिल्म
D टाईप करने पर आता है दूध वालिया ..देसी गर्ल ..
Y टाईप करने पर आता है यौन उत्तेजना..यौवन की प्यास..
साफ़ जाहिर है कई मामलो मैं ये इंटरनेट का उपयोग करने वालो को..गलत दिशा मैं भी ले जा सकता है..
ऐसा नहीं है की भारत मैं इस तरह की अश्लीलता को रोकने के लिए कोई विभाग नहीं है...भारत सरकार के सूचना
एवं प्रोद्योगिकी विभाग के कंट्रोलर ऑफ़ CERTIFAIENG AUTHORITIES द्वारा इस पर लगाम लगे जा सकती है..साथ
ही राज्य सरकारे भी अपने यंहा बने सूचना एवं प्रोद्योगिकी कानूनों की तहत इस पर कारवाही कर सकती है..लेकिन केंद्र और
राज्य सरकारों की लापरवाही की वजह से अश्लीलता का ये खेल धड़ल्ले से जारी है..
इंटरनेट का आविष्कार किया गया था..लोगो तक ज्ञान पहुचने और ज्ञान बाटने के लिए...लेकिन खुराफातियो ने
इसे अश्लीलता का पर्याय बना दिया..अब चूँकि भारत मैं भी शहरो से लेकर गाँव देहात तक इंटरनेट केफे खुल चुके है..समझा
जा सकता है की अश्लीलता का ये जहर सरकारी तंत्र की लापरवाही के चलते घर घर मैं पहुच रहा है...वँही सवाल उठता है की गांधी परिवार के नाम को धोकर चलने वाली केंद्र सरकार कर क्या रही है...उनके परम पिता परमेश्वर राजिव गाँधी का सपना था सूचना क्रांति का...अब ये क्रांति थोडा बगल वाली गली निकल गई है..जंहा आपको सविता भाभी मिलेगी अन्तर्वासना मिलेगी और तमाम ऐसे साईट्स मिलेगी..जंहा जाने के बाद आपको वो परम ज्ञान प्राप्त होगा जो भारतीय संस्कृति के अनुसार सिर्फ विवाह पश्चात ही मिलता था..इटली मैं भले ही ये परम ज्ञान पहले था..बहरहाल भारतीय हरामखोरो के लिए ये दुःख की बात है की भोपाल कलेक्टर ने उनका सुख चेन छीन लिया है....वैसे एक सवाल और भी है की भारत का आईटी विभाग क्या घंट उखाड़ता है..